योगी तेजपाल सिंह
समाज के उत्थान के लिए अहर्निश भाव से संलग्न व्यक्तित्व
योगी तेजपाल सिंह
योगी तेजपाल सिंह एक समर्पित समाजसेवी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने जीवन को समाज के उत्थान और सेवा के लिए समर्पित किया है। कृषक परिवार में जन्म लेने के कारण उन्होंने बचपन से ही मेहनत, संघर्ष और जिम्मेदारी के मूल्यों को आत्मसात किया।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त की और आगे की पढ़ाई कृषि (B.Sc Agriculture) एवं अर्थशास्त्र (M.A Economics) में पूरी की। अपने करियर की शुरुआत उन्होंने स्वरोजगार से की और बाद में कस्टम विभाग से जुड़कर व्यवसाय के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई।
लेकिन उनका असली लक्ष्य हमेशा समाज सेवा रहा। इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों में सक्रिय भूमिका निभाई। वे कई प्रतिष्ठित संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं, जिनमें राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व की जिम्मेदारियां भी शामिल हैं।
पारिवारिक जीवन
हमारे पिताजी श्री कर्ण सिंह जी कृषक वर्ग से हैं। मैंने उनके साथ किसानी पृष्ठभूमि में रहते हुए जिंदगी के साथ जद्दोजहद को नजदीक से देखा है। उनसे प्राप्त संस्कारों के साथ मैं समाज की सेवा कर रहा हूं। वह कहते थे कि किसान बोता है तो पूरा संसार खाता है लेकिन वह यह भी कहते थे कि समाज में कोई भी छोटा, बड़ा अथवा व्यर्थ नहीं है। सभी का एक स्थान और उपयोगिता है जिसकी हम पहचान कर सभी को समान अवसर प्रदान कर सकते हैं। वर्ष 1994 में मेरा विवाह श्रीमती कृष्णा सिंह के साथ संपन्न हुआ। कृष्णा गृहिणी हैं और हम तीन बच्चों (एक लडक़ी और दो लडक़े) के गर्वित अभिभावक हैं।
शिक्षा एवं रोजगार
मेरी आठवीं तक शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई और इसके बाद शामली के राजकीय किसान इंटर कॉलेज से 12वीं तक की पढ़ाई की। मैंने शामली के ही राष्ट्रीय किसान डिग्री कॉलेज से एग्रीकल्चर में बीएससी और वीवी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में एमए की। मैं बचपन से ही सीखने की प्रवृत्ति का व्यक्ति था। इसलिए दिल्ली में हैंडमेड पेपर बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे कि मैं स्वरोजगार के जरिए अपना जीवन यापन कर सकूं। इसके बाद खादी ग्रामोद्योग से जुड़ गया और जल्द ही दिल्ली में कस्टम विभाग के पेस्ट एंड कंट्रोल विभाग में नौकरी पर लग गया। लेकिन इससे मुझे संतुष्टि नहीं हो रही थी। मैंने अपनी फर्म बनाकर कस्टम विभाग में ही क्लियरेंस का काम शुरू कर दिया जिससे परिवार में थोड़ी संपन्नता आई और लोगों ने मेरी मेहनत और जज्बे को स्थान देना शुरू किया।
हालांकि कुछ लोग कहते थे कि सरकारी नौकरी छोडक़र काम करना कोई अच्छा निर्णय नहीं है लेकिन मुझे खुद पर विश्वास था कि मैं यह कर सकूंगा, और मैंने कर लिया। अपने व्यापार को और मजबूती देने के लिए मैंने जी-कार्ड की परीक्षा पास की। जो कि काफी कठिन परीक्षा मानी जाती है। इसके बाद मैंने व्यापार में पीछे मुडक़र नहीं देखा।
सार्वजनिक जिम्मेदारियां
मुझे धार्मिक सामाजिक कार्यों में जाने की रुचि प्रारंभ से ही थी। अत: जब हम सेक्टर 28 फरीदाबाद में रहने के लिए आए तो घर के सामने ही विश्व हिन्दू परिषद के मंदिर श्री रघुनाथ मंदिर की गतिविधियों में भागीदारी प्रारंभ की। उन्होंने मुझे अपनी कमेटी में प्रमुख पदों के साथ जोड़ लिया और भरपूर सम्मान दे रहे हैं। इसके बाद लोगों के सहयोग से मैं सेक्टर 28 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन का भी अध्यक्ष बना और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी की भलाई के लिए काम करवाए| उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाले विश्व हिन्दू महासंघ, भारत का मुझे राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। वर्तमान में मैं संघ का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हूँ| मेरी गतिविधियों और समाजसेवा के प्रति मेरी ललक को देखते हुए मुझे अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह संगठन मुख्यतया उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित पूरे देश में सक्रिय है। हम योगी, नाथ, उपाध्याय समाज की बेहतरी के लिए स्थानीय प्रशासन से राज्यों की राजधानियों और केंद्र सरकार और केंद्रीय मंत्रालयों तक के साथ निरंतर संपर्क कर अपने मुद्दों को रख रहे हैं। मैं सनातन हिंदू वाहिनी हरियाणा का भी अध्यक्ष हूं।
गतिविधियां
उपलब्धियां
हमने निरंतर प्रयास एवं समाज के सहयोग से अनेक जगहों पर आश्रम एवं धर्मशालाओं का निर्माण किया है। इनमें शाहदरा दिल्ली में चार मंजिला इमारत में नाथ योगी उपाध्याय समाज के मेधावी बच्चे रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्हें भोजन भी निशुल्क दिया जाता है। इसके साथ बड़ौत और शुक्रताल, मुजफ्फरनगर में भी धर्मशालाओं का संचालन किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री एवं त्रिपुरा से समाज की सांसद श्रीमती प्रतिमा भौमिक जी ने भी हमें समाज के लिए त्रिपुरा में जल्द ही कोई भूमि दिलाने का वादा किया है।
मेरा मकसद
मेरा स्पष्ट मत है कि शिक्षा और राजनीतिक शक्ति के बिना कोई भी समाज अपने पिछड़ेपन को दूर नहीं कर सकता है। आज हमारा समाज बड़ी आशा भरी नजरों से सरकार की ओर देख रहा है। मेरा स्पष्ट मत है कि सत्ता से सेवा की सीढ़ी चढ़ना सरल हो जाता है क्योंकि तब आपकी बात को प्रशासन अधिक ध्यान से सुनता है और करने के लिए बाध्य भी होता है। मैं अपने समाज के उत्थान से देश के उत्थान की ओर निरंतर बढ़ना चाहता हूं। मैं तिनका भर सहयोग भी यदि राष्ट्र निर्माण के लिए कर सका तो अपने जीवन को फलीभूत समझूंगा। अपने से बड़ों का नेतृत्व और निर्देशों को मानना मेरे संस्कार हैं। जिन्हें जिंदगी भर अपने साथ रखूँगा, और यह मेरा प्रण है!
मैं सप्ताह के पांच दिन ही कारोबार करता हूं और दो दिन समाज के लिए पूरी तरह से समर्पित किए हुए हैं। अन्य दिनों में भी जरूरत पड़ने पर समाज को प्राथमिकता देता हूं।
आपका
योगी तेजपाल सिंह
राष्ट्रीय अध्यक्ष : अखिल भारतीय योगी नाथ उपाध्याय समाज सेवा संगठन
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष : विश्व हिन्दू महासंघ (भारत)
दूरभाष: 9811014079
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